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कस्टमर केयर बनकर साइबर ठग ने बनाया शिकार, Phone Pe से रुपए गायब

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27 मार्च 2020 – नई दिल्ली ,एजेंसी: साइबर अपराध में संलिप्त अपराधियों ने कोरोना के माध्यम से ठगी का नया रास्ता बनाया है। साइबर अपराध गिरोह के सदस्यों ने कोरोना वायरस से बचाव को लेकर लिक व वेब पर पेज डेवलप किया है। लॉकडाउन में भी साइबर अपराधी लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। एमए की छात्रा गुंजन वर्मा के दो खातों में साइबर अपराधियों ने सेंध लगा ली।

इसके बाद खातों से 1.58 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित छात्रा ने बृहस्पतिवार को साइबर क्राइम थाने में शिकायत की। पुलिस मामले की शिकायत कर रही है। लोहामंडी निवासी योगेश वर्मा कंस्ट्रक्शन कंपनी में सुपरवाइजर हैं। उनकी बेटी गुंजन वर्मा एमए फाइनल की छात्रा है। वह प्राइवेट जॉब भी करती थी। फिलहाल जॉब छोड़ दी है।

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उनका खाता भारतीय स्टेट बैंक और एचडीएफसी बैंक में है। दोनों खाते फोन पे पर यूपीआई से लिंक हैं। गुंजन ने बताया कि बुधवार शाम को उसके मोबाइल पर कई संदेश आए। इनमें खातों से रकम निकलने की जानकारी थी। यह देखकर उन्होंने अपने खाते ब्लाक करा दिए। इसके बाद भी संदेश आते रहे। बाद में खाते का बैलेंस चेक किया। एसबीआई के खाते से 1.25 लाख रुपये और एचडीएफसी बैंक के खाते से 33 हजार रुपये निकल गए।

गुंजन के मुताबिक, उसकी टिकटॉक आईडी है। यह बंद हो गई थी। कुछ दिन पहले गूगल से टिकटॉक का कस्टमर केयर नंबर पता किया था। कॉल करने पर एक व्यक्ति ने बात की। उसने कहा कि एक दिन में आईडी चालू हो जाएगी। मगर, ऐसा नहीं हआ। इस पर उसने दोबारा कॉल कर दिया। इस पर काल रिसीव करने वाले ने ईमेल पर एक मेल भेजा।

इसमें टिकटॉक की समस्या दूर होने और नहीं होने के बारे में क्लिक करना था। गुंजन ने नो पर क्लिक कर दिया। आशंका है कि गुंजन के मोबाइल को लिंक से ही हैक करके फोन पे के खाते की जानकारी लेकर रकम निकाली गई है।

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